Rubaroo Roshni Hai (रुबरू रोशनी है)
मशालों पर क्यूँ है निर्भर..इमरोज़ खुद को जला, रोशन कर..एक रोज तेरा तेज़ भी सूरज के तेज़ के आगे फीका नज़र आयेगा..जो है धुँधला सा समा आज..कल उजला सा नज़र…
मशालों पर क्यूँ है निर्भर..इमरोज़ खुद को जला, रोशन कर..एक रोज तेरा तेज़ भी सूरज के तेज़ के आगे फीका नज़र आयेगा..जो है धुँधला सा समा आज..कल उजला सा नज़र…
किसका करे है इंतज़ार तू.. किस पर करे है ऐतबार तू.. ये सफ़र और मंजिलें तेरे ख्वाबों की ताबीर सी हैं.. इन राहों को जुस्तजू तेरे जैसे तन्हा राहगीर से…
मंजिलों की तमन्ना छोड़.. बिना जिद्द के खुद को खुद भी नहीं हासिल तू.. इसीलिये अपनी बेकरारी को बरकरार रखना जरुरी है.. यहाँ थोड़ा जिद्द करना जरुरी है.. अपनी जिद्द…
People and their thoughts matter! So, don't forget to take their free advice before doing anything in your life! --- Send in a voice message: https://anchor.fm/rashmijain/message
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मैं मौन हूँ..क्योंकि मैं मौन रहना चाहती हूँ..खामोशी की धुन मुझे अच्छी लगती है..ये झूठी भीड़ से तो तन्हाई ही सच्ची लगती है.. --- Send in a voice message: https://anchor.fm/rashmijain/message
मैं मौन हूँ..क्योंकि मैं मौन रहना चाहती हूँ..खामोशी की धुन मुझे अच्छी लगती है..ये झूठी भीड़ से तो तन्हाई ही सच्ची लगती है.. --- Send in a voice message: https://anchor.fm/rashmijain/message
ये उन दिनों की बात है..जब हम शायराना अंदाज लिए फिरा करते थे..नज्में बफ़ा तो लिखी कई.. पर यार की महफ़िल में सजाने से डरते थे.. --- Send in a…
ये उन दिनों की बात है..जब हम शायराना अंदाज लिए फिरा करते थे..नज्में बफ़ा तो लिखी कई.. पर यार की महफ़िल में सजाने से डरते थे.. --- Send in a…
ये उन दिनों की बात है..जब हम शायराना अंदाज लिए फिरा करते थे..नज्में बफ़ा तो लिखी कई.. पर यार की महफ़िल में सजाने से डरते थे.. --- Send in a…