यादें

आज़ फ़ुर्सत से  दिल की संदूक़ों को जब खोलकर देखा  यादों से लिपटी कई तस्वीरों को देखा   कुछ किस्से पड़े थे कोने में  कुछ रिश्ते झाँक रहे थे छुप…