अगर मैं होती…
अगर मैं होती एक उड़ान ख्वाबों को देती एक पंख उधार और अरमानों को ले चलती दूर पंख पसार अगर मैं होती एक ख्वाब तो रात को भी देती एक…
ज़िंदा है तू !
ये दुनिया सुख दुख का मेला है इस मेले में तू क्यों अकेला है ग़म को ना समझ बोझ यह तो खुशी महसूस कराने का बस एक तरीका है तो…
साँसों का खेल
दुनिया में आने से लेकर जाने तक बिना रुके बिना थमे अंत तक चलती हैं ये धड़कनें वक्त के रफ्तार को बयां करती है ये धड़कनें हर आने वाली…
रश्मि – सूरज की किरण
नभ से उतर चारों दिशाओं में बिखरी हूँ मैं प्रकृति की मुस्कुराहट हूँ मैं एक नए जीवन का संदेशा लाई हूं मैं मेरे आने की आहट सुन खिल उठा…
कुदरत की देन
कुदरत की कोख में समाए कितने अनमोल रत्न हैं एक बार चार दीवारी से बाहर झांक कर तो देख थोड़ा करीब आकर तो देख चित्त शांत और मन…
