वजूद
ना जकड़ इन बेड़ियों में खुद को तोड़ दे इन सलाखों को सहनशीलता के चादर तले ना ढक अपने इन जख्मों को हुँकारा भरने दे सोए हुए अरमानों को उड़…
ना जकड़ इन बेड़ियों में खुद को तोड़ दे इन सलाखों को सहनशीलता के चादर तले ना ढक अपने इन जख्मों को हुँकारा भरने दे सोए हुए अरमानों को उड़…