Book Review: Kanha to Krishna

Do you have faith in the supreme power? Do you believe that whenever there is a rise in the atrocities, someone somewhere will rise like a Phoenix and will swipe…

ज़िंदा है तू !

ये दुनिया सुख दुख का मेला है  इस मेले में तू क्यों अकेला है  ग़म को ना समझ बोझ  यह तो खुशी महसूस कराने का बस एक तरीका है  तो…

यादें

आज़ फ़ुर्सत से  दिल की संदूक़ों को जब खोलकर देखा  यादों से लिपटी कई तस्वीरों को देखा   कुछ किस्से पड़े थे कोने में  कुछ रिश्ते झाँक रहे थे छुप…

क्षमा और शक्ति

किसने कहा कब कहा क्यों कहा  यह उसकी है खता  तु क्यों विचलित होता है  औरों के दिए हुए गम तले  तू क्यों दबता चला जाता है  जिंदगी के अनमोल…

वजूद

ना जकड़ इन बेड़ियों में खुद को  तोड़ दे इन सलाखों को  सहनशीलता के चादर तले ना ढक  अपने इन जख्मों को  हुँकारा भरने दे सोए हुए अरमानों को  उड़…

वीर

आओ सुने आज़ादी की कहानी  वीरों की ज़बानी  यह धरती  आन है मेरी  शान है मेरी  इससे है पहचान मेरी  भारत माँ के कदमों में है  न्योछावर जान मेरी  मैं…