उड़ान
वो देखो शिकारी आया संग अपने है धनुष बाण लाया डोरी खिंची तीर चलाया मेरे पंखों को है निशाना बनाया निर्जीव सी काया हुई लहूलुहान गिरी धम से धरती की…
वो देखो शिकारी आया संग अपने है धनुष बाण लाया डोरी खिंची तीर चलाया मेरे पंखों को है निशाना बनाया निर्जीव सी काया हुई लहूलुहान गिरी धम से धरती की…
Hello everyone, This is the second time I have been nominated for The MYSTERY BLOGGER AWARD and this time by Priyanka Nair, an amazing blogger, whose words will inspire you to lead…
कैसा है यह एक तरफ़ा तराजू झुके है देखकर के भारी बाजू यहां आँसू का है कोई मोल नहीं पैसे से बढ़कर कोई तोल नहीं यहां रुपैया मुंह खोलकर है…
दुनिया में आने से लेकर जाने तक बिना रुके बिना थमे अंत तक चलती हैं ये धड़कनें वक्त के रफ्तार को बयां करती है ये धड़कनें हर आने वाली…
नभ से उतर चारों दिशाओं में बिखरी हूँ मैं प्रकृति की मुस्कुराहट हूँ मैं एक नए जीवन का संदेशा लाई हूं मैं मेरे आने की आहट सुन खिल उठा…
कुदरत की कोख में समाए कितने अनमोल रत्न हैं एक बार चार दीवारी से बाहर झांक कर तो देख थोड़ा करीब आकर तो देख चित्त शांत और मन…
उंगली पकड़कर चलना सिखाया था आपने चलना गिरना गिरकर सँभलना सिखाया था आपने भूली नहीं हूँ मैं कुछ भी पापा हर सीख याद है मुझे मुश्किलों का डटकर सामना करना …
ओ मेरे हमसफ़र माना बहुत लंबा है यह सफर पर सायां बन संग चलना यूँ ही तो पल में कट जाए यह सफर राह में आएँगी मुस्किलें हज़ार किस्मत…
आज फिर घर के आँगन में दस्तक हुई किसे के नन्हें कदमों की आहट से हुई दरवाज़ा खोल देखा फिर चहकी थी एक नन्ही सी चिड़िया आई मेरे आँगन एक…
तेरी आँचल को थामे पूरा जहाँ मैं घूम आती थी तुझे याद है ना माँ शाम जब ढल जाए थक के चूर तेरी गोद में सुकून से सर रख लिया…