क्षमा और शक्ति

किसने कहा कब कहा क्यों कहा  यह उसकी है खता  तु क्यों विचलित होता है  औरों के दिए हुए गम तले  तू क्यों दबता चला जाता है  जिंदगी के अनमोल…

वीर

आओ सुने आज़ादी की कहानी  वीरों की ज़बानी  यह धरती  आन है मेरी  शान है मेरी  इससे है पहचान मेरी  भारत माँ के कदमों में है  न्योछावर जान मेरी  मैं…

उड़ान

वो देखो शिकारी आया  संग अपने है धनुष बाण लाया  डोरी खिंची तीर चलाया  मेरे पंखों को है निशाना बनाया  निर्जीव सी काया हुई लहूलुहान  गिरी धम से धरती की…